गूगल के सीईओ सुन्दर पिचाई की कुछ मोटिवेशन शब्द

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गूगल के सीईओ सुन्दर पिचाई की कुछ मोटिवेशन शब्द

एक सिंपल परिवार से रिलेशन रखने वाला एक युवक अपने बचपन के दिनों में एक क्रिकेटर बनाने का सपना देखता है! लेकिन जब वह बड़ा हो जाता है! तो वह सॉफ्टवेयर से खेलने लगता है! और एक दिन दुनिआ की सबसे बड़ी कंपनी का सीईओ बन जाता है! जी हां! हम बात करे रहे गूगल के सीईओ सुन्दर पिचाई की. आज के युवाओ के लिए सुन्दर पिचाई एक हीरो है! सुन्दर पिचाई अभी कुछ ही दिनों पहले गूगल के सीईओ बने है! और हम सभी जानते है की गूगल कितनी बड़ी कम्पनी है!

सुन्दर पिचाई इंडिया के रहने वाले है! और उनका पूरा नाम पिचाई सुंदरराजन है! उनके पिता ब्रिटिश कंपनी जीईसी में काम करते थे! सुन्दर पिचाई को बचपन से ही खेल में बहुत लगाओ था! जब वह अपने स्कूल में पढ़ रहे थे तब वह अपने स्कूल के क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके है! सुन्दर पिचाई चेन्नई के रहने वाले है! और अपने स्कूल की पढाई चेन्नई के पदमा सेशादरी बाला भवन से की थी! उसके बाद वह आईआईटी खढकपुर से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की! खड़कपुर से बैचलर करने के बाद मास्टर्स की डिग्री स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से हासिल की फिर उसके बाद सुन्दर पिचाई ने पेसिलवानिया यूनिवर्सिटी से एमबीए कम्पलीट किया

सुन्दर पिचाई का गूगल तक का सफर

सुन्दर पिचाई गूगल ज्वाइन करने से पहले वह मैंकेजी एड कंपनी के मैनेजमेंट कशटिंग सेल में काम करते थे! इस कम्पनी में सुन्दर पिचाई ने अप्लायड मैटीरियल में इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट मैनजमेंट के लिए भी काम किया था! फिर उसके बाद 2004 में सुन्दर पिचाई ने गूगल को ज्वाइन किया!

सुन्दर पिचाई ने गूगल क्रोम ओएस और क्रोम ब्राउज़र को लोगो तक पहुचाया! गूगल के प्रोडक्ट में गूगल क्रोम कितना पॉपुलर है! इसको हम सब जानते है! जब गूगल क्रोम पॉपुलर हो गया तब सुन्दर पिचाई ने गूगल क्रोम को ओयस और एंड्राइड के लिए app बनाया! आज हम अपने एंड्राइड फ़ोन में जो गूगल क्रोम को प्रयोग करते है उसका पूरा क्रेडिट सुन्दर पिचाई को जाता है! इसी तरह सुन्दर पिचाई गूगल कम्पनी में काम करते रहे! और 2008 गूगल ने उनको प्रोडक्ट डिजाइनिंग का वाइज प्रसिडेंट बना दिया! सुन्दर पिचाई की लाइफ सबसे बड़ा दिन 2015 में आया जब कंपनी ने उनको गूगल का सीईओ बना दिया!

रिस्क लेने से नहीं डरना चाहिए

सुन्दर पिचाई कहते है! की रिस्क लेने से डरना नहीं चाहिए! लाइफ में आगे बढ़ने के लिए रिस्क लेना जरुरी है! जब भी आप लाइफ में रिस्क लेंगे तब आप कुछ न कुछ नया सीखेंगे! हलाकि! आज की युवा पीढ़ी रिस्क लेने के मामले में आगे है! आज के युवा इससे घबराते भी नहीं है! बहुत से ऐसे लोग है! जो नाकामयाबी से डरते है! लेकिन नाकामयाबी होने के बाद भी निराश नहीं होना चाहिए! बल्कि उससे कुछ सीखना चाहिए! सिलिकॉन वैली में नाकामयाब होने वाले स्टार्ट-अप को भी सम्मान की नजर से देखा जाता है! क्योकि उनको लगता है! वह इससे कुछ तो सीखा! इंडिया में भी स्टार्ट आप कल्चर के लिए सभी चीज़े उपलब्ध है!

देश को आगे बढ़ने के लिए युवा वर्ग की जरुरत है! हमेसा अपने आपको रे-इंवेंट करने के लिए लगातार अवसरों की तलाश करते रहना चाहिए! सुन्दर पिचाई कहते है! की हम इंडिया को लेकर इसलिए दिलचशप है! क्योकि यह युवाओ का देश है! यहाँ पर आईडिया और टैलेंट बहुत ज्यादा है! यदि इंडिया के युवा वर्ग फोकस करे तो वह बहुत आगे तक जा सकते है! सुन्दर पिचाई के अनुसार जब हम कोई काम करने के लिए जाये तो अपने आप से ही सवाल पूछे की क्या हम सही काम कर रहे है! काम में कुछ कमी तो नहीं है! ना ऐसा करने से ही हम आगे बाद पायेगे.

6 COMMENTS

  1. Thanks Rohit ji for sharing a inspirational post.
    hame life me risk lena chahiye. tabhi ham kuchh nya kar payenge.
    inspiring post padkar hame kuchh nya karne ke liye inspiration milta hai.

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